By Raj Kumar | Updated: 12 June 2026
मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान और उनके पनवेल स्थित फार्महाउस के पड़ोसी के बीच चल रहे कानूनी विवाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने सोशल मीडिया पर साझा की गई कथित मानहानिकारक सामग्री को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित पोस्ट और वीडियो हटाने पर विचार करने की सलाह दी है।
मामला सलमान खान के पनवेल फार्महाउस और उससे जुड़े भूमि विवाद से संबंधित है। अभिनेता के पड़ोसी केतन कक्कड़ द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई पोस्ट और वीडियो साझा किए गए थे, जिनमें सलमान खान के खिलाफ विभिन्न आरोप लगाए गए थे। इन पोस्टों को लेकर सलमान खान ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और उन्हें मानहानिकारक बताया।
सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया अभिव्यक्ति का माध्यम जरूर है, लेकिन इसका इस्तेमाल किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को किसी प्रकार की शिकायत है तो उसे उचित कानूनी मंच या संबंधित सरकारी विभाग के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए।
अदालत ने पड़ोसी पक्ष से पूछा कि यदि मामला पहले से न्यायिक प्रक्रिया में है तो सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट और वीडियो साझा करने की आवश्यकता क्या है। न्यायालय ने यह भी संकेत दिया कि इस प्रकार की सामग्री सार्वजनिक धारणा को प्रभावित कर सकती है और इससे संबंधित व्यक्ति की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
सलमान खान की ओर से पेश वकीलों ने अदालत को बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई कुछ सामग्री अभिनेता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली है। उनका कहना था कि इस प्रकार के आरोपों से न केवल व्यक्तिगत छवि प्रभावित होती है बल्कि अनावश्यक विवाद भी उत्पन्न होते हैं।
दूसरी ओर, पड़ोसी पक्ष ने अपने आरोपों को सही बताते हुए कहा कि उन्होंने सार्वजनिक हित में अपनी बात रखी है। हालांकि अदालत ने दोनों पक्षों को संयम बरतने और मामले को कानूनी दायरे में रखने की सलाह दी।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सामग्री साझा करते समय जिम्मेदारी और सावधानी बरतना आवश्यक है। अदालत की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब सोशल मीडिया पर मानहानि और व्यक्तिगत अधिकारों से जुड़े मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
फिलहाल मामले की सुनवाई जारी है और अदालत ने अगली तारीख पर दोनों पक्षों को अपने-अपने तर्क प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इस मामले पर बॉलीवुड जगत और कानूनी विशेषज्ञों की भी नजर बनी हुई है।
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