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छत्तीसगढ़ करणी सेना विवाद पर वीरेंद्र सिंह तोमर समर्थकों का जवाब, अभिषेक सिंह के दावों पर उठे सवाल

By The Ishraj Times | Updated: May 28, 2026

छत्तीसगढ़ में क्षत्रिय करणी सेना को लेकर हाल ही में सामने आई कुछ खबरों और दावों पर अब संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है। संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का कहना है कि कुछ लोगों द्वारा गलत जानकारी और भ्रम फैलाकर समाज को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।

प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर के समर्थकों ने स्पष्ट किया है कि संगठन में प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी वर्तमान में वीरेंद्र सिंह तोमर के पास ही है और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में किए गए दावे तथ्यों से मेल नहीं खाते।

“220 कार्यकर्ताओं के दावे पूरी तरह गलत”

संगठन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कुछ खबरों में यह दावा किया गया कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने संगठन छोड़ा या किसी विशेष पक्ष का समर्थन किया। हालांकि करणी सेना से जुड़े पदाधिकारियों ने इन दावों को “भ्रामक और बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया आंकड़ा” बताया है।

उन्होंने कहा कि संगठन के अधिकांश कार्यकर्ता आज भी राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज सिंह शेखावत और प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में एकजुट होकर काम कर रहे हैं।

अभिषेक सिंह को लेकर संगठन ने क्या कहा?

संगठन से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि अभिषेक सिंह को शुरुआत में रायपुर जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी वीरेंद्र सिंह तोमर की मौजूदगी में दी गई थी।

बाद में जब क्षत्रिय करणी सेना के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज सिंह शेखावत रायपुर पहुंचे थे, उस दौरान आंदोलन और आमंत्रण यात्रा के समय अभिषेक सिंह को “प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष” नियुक्त किया गया था, न कि “प्रदेश अध्यक्ष”।

संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि कुछ समय बाद राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की कार्यकारिणी भंग कर दी गई थी, जिसकी जानकारी स्वयं डॉ. राज सिंह शेखावत द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा की गई थी।

“कार्यकारिणी भंग होने के बाद शुरू हुआ विरोध”

करणी सेना के पदाधिकारियों के अनुसार, कार्यकारिणी भंग किए जाने के बाद ही संगठन के अंदर विरोध और इस्तीफों की प्रक्रिया शुरू हुई। उनका कहना है कि यह पूरा मामला संगठनात्मक निर्णयों से जुड़ा था, लेकिन बाद में इसे अलग तरीके से प्रस्तुत किया जाने लगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग खुद को ऐसे पदों पर बताने लगे जिनकी आधिकारिक पुष्टि संगठन द्वारा नहीं की गई थी।

वीरेंद्र सिंह तोमर के समर्थन में उतरे कार्यकर्ता

प्रदेशभर से कई कार्यकर्ताओं ने वीरेंद्र सिंह तोमर के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा किए हैं। समर्थकों का कहना है कि वीरेंद्र सिंह तोमर लंबे समय से संगठन और समाज के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं और उनका नेतृत्व कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत माना जाता है।

कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि समाज को बांटने की बजाय संगठनात्मक एकता और सामाजिक मुद्दों पर ध्यान देना जरूरी है।

“समाजहित सर्वोपरि”

करणी सेना से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन का उद्देश्य समाज की एकता, सम्मान और युवाओं को जोड़ना है। उन्होंने अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट खबरों पर विश्वास करने से पहले आधिकारिक जानकारी जरूर देखें।

उन्होंने कहा कि संगठन आगे भी समाजहित और सामाजिक सम्मान के मुद्दों पर मजबूती से कार्य करता रहेगा।

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