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RSS Registration Row: मोहन भागवत बोले- ‘हिंदू धर्म भी रजिस्टर्ड नहीं’, प्रियांक खरगे की मांग पर जवाब

RSS पंजीकरण विवाद पर मोहन भागवत का जवाब, बोले- ‘हिंदू धर्म भी रजिस्टर्ड नहीं’ By The Ishraj Times News Desk | 16 June 2026 नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पंजीकरण को लेकर छिड़ी राजनीतिक बहस के बीच संघ प्रमुख मोहन भागवत का बयान चर्चा का विषय बन गया है। कर्नाटक सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे द्वारा RSS के कानूनी पंजीकरण, वित्तीय पारदर्शिता और संगठनात्मक ढांचे को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद भागवत ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि RSS कोई गुप्त संगठन नहीं है, बल्कि देशभर में खुले तौर पर कार्य करने वाला एक सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है। उन्होंने कहा कि संघ की शाखाएं, कार्यक्रम और गतिविधियां सार्वजनिक रूप से संचालित होती हैं तथा संगठन का कार्य किसी से छिपा हुआ नहीं है। पंजीकरण के मुद्दे पर बोलते हुए भागवत ने कहा कि केवल वही संस्थाएं अनिवार्य रूप से पंजीकरण करवाती हैं जिन्हें सरकारी सहायता या विशेष वित्तीय लाभ की आवश्यकता होती है। उन्होंने तर्क दिया कि देश में कई सा...

मोहान भागवत की Z+ सुरक्षा पर PIL खारिज: बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा—कानून का दुरुपयोग

Published on: April 2026 By: The Ishraj Times 📌 परिचय बॉम्बे हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत को दी गई Z+ सुरक्षा को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया है। अदालत ने इस याचिका को गंभीरता से लेते हुए इसे कानून के दुरुपयोग का उदाहरण बताया। ⚖️ याचिका में क्या कहा गया था? याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि: करदाताओं के पैसे का गलत इस्तेमाल हो रहा है मोहन भागवत को दी गई Z+ सुरक्षा हटाई जाए सुरक्षा पर हुए खर्च की वसूली की जाए इस आधार पर अदालत से हस्तक्षेप की मांग की गई थी। ❌ हाई कोर्ट का फैसला बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि: यह याचिका वास्तविक जनहित में नहीं है इसमें ठोस तथ्यों और प्रमाणों की कमी है यह कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है अदालत ने याचिकाकर्ता की मंशा पर भी सवाल उठाए। 🧾 कोर्ट की कड़ी टिप्पणी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि: याचिका बिना पर्याप्त शोध के दायर की गई इसमें अधूरी और अपुष्ट जानकारी का इस्तेमाल हुआ न्यायिक प्रक्रिया का उपयोग व्यक्तिगत या राजनीतिक उद्देश्यों के लिए नहीं होना चाहिए य...