Skip to main content

US Nikhil Gupta ने US कोर्ट में Pannun हत्या कांड में दोषी माना | अंतरराष्ट्रीय खबर

Published by : Raj Kumar – न्यूयॉर्क, 14 फरवरी 2026: एक अहम अंतरराष्ट्रीय मामले में, Nikhil Gupta ने अमेरिका की फेडरल कोर्ट में आरोपों को स्वीकार कर लिया है, जिनमें मर्डर‑फॉर‑हायर (हत्या के लिए करार), हत्या की साजिश और मनी लॉन्डरिंग शामिल हैं। यह मामला दुनिया भर में सुर्खियों में रहा है क्योंकि इसका संबंध प्रसिद्ध सिख कार्यकर्ता और अलगाववादी नेता Gurpatwant Singh Pannun से था। �

🔎 क्या हुआ कोर्ट में?

54 वर्षीय Gupta ने Manhattan की फेडरल कोर्ट में यह स्वीकार किया कि वह 2023 में New York City में Pannun की हत्या की साजिश में शामिल था। अदालत में उन्होंने तीन गंभीर आरोपों से खुद को दोषी बताया:

🧾 मर्डर‑फॉर‑हायर

🧾 हत्याकांड साजिश

🧾 पैसा धोने की साजिश �


उनके खिलाफ यह केस मैनहट्टन के US Attorney’s Office द्वारा चलाया जा रहा है। आगे की सुनवाई 29 मई 2026 को होगी, जब सज़ा का ऐलान किया जाएगा। �

💰 क्या आरोप थे?

US अधिकारियों का दावा है कि Gupta ने किसी “हिटमैन” को Pannun की हत्या के लिए $100,000 का भुगतान करने की योजना बनाई थी। शुरुआत में Gupta ने चेक रिपब्लिक में गिरफ्तार होने के बाद US के हवाले होने के बाद इन आरोपों से इनकार किया था। �


हालाँकि, बाद में सामने आया कि जिसे Gupta हत्थे लगाना चाहता था, वह असल में एक FBI समर्थित गुप्त एजेंट था, जिसने अमेरिकी कानून प्रवर्तन के साथ मिलकर साजिश को विफल कर दिया। �


🇮🇳 भारत सरकार की प्रतिक्रिया

इस मामले ने भारत‑यूएस और भारत‑कनाडा के बीच राजनीतिक तनाव को बढ़ाया था। US का आरोप था कि Gupta को एक भारतीय सरकारी अधिकारी — जिसे विकाश यादव नाम से पहचाना गया — ने साजिश में शामिल किया था। भारत सरकार ने इन आरोपों को सरकारी नीति के खिलाफ बताया और किसी सरकारी भागीदारी से इनकार किया है। �

बाद में भारत ने एक उच्च‑स्तरीय जांच समिति भी गठित की थी ताकि इन आरोपों की जांच की जा सके। �


🎯 Pannun कौन हैं?

Gurpatwant Singh Pannun एक US और Canada के नागरिक हैं और सिख अलगाववादी आंदोलन के प्रमुख वकील एवं नेता रहे हैं। भारत में उन्हें आतंकवादी घोषित किया गया है, जबकि वे खुद को मानवाधिकार व स्वतंत्रता के समर्थक बताते हैं

Comments

Popular posts from this blog

मकराना मामला: डॉ. राज शेखावत की गिरफ्तारी पर उठे बड़े सवाल

Published by :- Raj Kumar - मकराना प्रकरण ने खड़े किए कई सवाल हाल ही में सामने आए मकराना प्रकरण को लेकर समाज में कई तरह की चर्चाएं और सवाल उठ रहे हैं। विशेष रूप से क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत की गिरफ्तारी को लेकर कई लोग इसे संदिग्ध मान रहे हैं। इस पूरे मामले में कुछ ऐसे पहलू सामने आए हैं जिन पर अब समाज और समर्थक खुलकर सवाल उठा रहे हैं। सवाल नंबर 1 पहला सवाल यह उठ रहा है कि अगर सभी लोग एक ही स्थान पर मौजूद थे, तो कार्रवाई केवल डॉ. राज शेखावत के साथ ही क्यों की गई? समर्थकों का कहना है कि अगर कोई घटना हुई थी, तो कार्रवाई सभी के खिलाफ समान रूप से होनी चाहिए थी। सवाल नंबर 2 दूसरा बड़ा सवाल यह है कि मकराना और उनके साथियों को सुरक्षित कमरे में बैठाकर “आप सुरक्षित हैं” कहने की बात क्यों कही गई। इस बात को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। सवाल नंबर 3 तीसरा सवाल यह उठ रहा है कि जब सभी लोग एक ही जगह मौजूद थे, तो पुलिस की कार्रवाई केवल एक व्यक्ति पर ही क्यों केंद्रित रही। सवाल नंबर 4 कुछ लोगों का यह भी मानना है कि क्या इस पूरे घटनाक्रम में किसी राजनीतिक ...

भारत‑अमेरिका व्यापार समझौता 2026: रूसी तेल, अमेरिकी शर्तें और भारत का रणनीतिक रुख

Publish by :- Raj Kumar भारत और अमेरिका के बीच 2026 का व्यापार समझौता: रूसी तेल पर अमेरिकी शर्तें, टैरिफ राहत, और भारत की रणनीतिक ऊर्जा नीति। पढ़ें पूरा विवरण। H2: India-US Trade Deal 2026 की मुख्य बातें भारत और अमेरिका ने हाल ही में एक इंटरिम व्यापार समझौता (interim trade deal) घोषित किया। यह समझौता दोनों देशों के व्यापार और ऊर्जा संबंधों को नई दिशा देने वाला है। अमेरिका ने संकेत दिए कि यदि भारत रूस से तेल की खरीद में बदलाव करता है तो अतिरिक्त टैरिफ हटाए जा सकते हैं। भारत ने स्पष्ट किया कि ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक हितों के अनुसार ही निर्णय लिया जाएगा। H2: रूसी तेल और अमेरिका की शर्तें अमेरिका लंबे समय से भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने पर आपत्ति जता रहा था। व्यापार समझौते के तहत अमेरिका ने कहा कि यदि भारत अपनी ऊर्जा खरीद नीति में बदलाव करता है तो भारतीय उत्पादों पर लगाए गए अतिरिक्त शुल्कों में राहत दी जाएगी। पीयूष गोयल का बयान: “अमेरिका से ऊर्जा खरीदना भारत के अपने दीर्घकालिक हित में है।” भारत ने जोर दिया कि यह कदम किसी दबाव में नहीं, बल्कि ऊर्जा विविधीकरण और सप्लाई स्थिरता के लि...

UGC-2026 पर बढ़ा विवाद: 8 मार्च को रामलीला मैदान में ‘UGC रोलबैक को लेकर राज शेखावत ने दी बड़े आंदोलन’ की चेतावनी

Published by :  Raj Kumar  – UGC एक्ट को लेकर जारी विवाद के बीच “सवर्ण समाज समन्वय समिति” से जुड़े 40 से अधिक संगठनों ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि यदि प्रस्तावित कानून वापस नहीं लिया गया तो 8 मार्च 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में “UGC रोलबैक आंदोलन” शुरू किया जाएगा। यह घोषणा समिति के प्रमुख Swami Anand Swaroop Maharaj ने पंडित मदन मोहन मालवीय स्मृति भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। उन्होंने बताया कि आंदोलन की औपचारिक शुरुआत 1 फरवरी को प्रस्तावित देशव्यापी बंद के समर्थन से की जाएगी। 📢 क्या कहा स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने? स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कहा कि UGC-2026 एक्ट समाज के लिए “विभाजनकारी” और “असंवैधानिक भावना के विपरीत” है। उन्होंने दावा किया कि यद्यपि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस कानून पर अस्थायी रोक लगाई है, लेकिन अंतिम समाधान संसद के माध्यम से ही संभव है, क्योंकि कानून संसद द्वारा पारित किया गया था। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार 8 मार्च से पहले इस कानून को वापस नहीं लेती, तो रामलीला मैदान में होने वाला प्रदर्शन “ऐतिहासिक” होगा। साथ ही उन...