Published by :- Raj Kumar - ईरान के विदेश मंत्री का अमेरिका पर बड़ा आरोप
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अमेरिका पहले भारत और अन्य देशों पर रूस से तेल आयात रोकने का दबाव बना रहा था, लेकिन अब खुद दुनिया से रूसी तेल खरीदने की अपील कर रहा है।
अराघची ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका ने महीनों तक भारत को रूसी तेल खरीदना बंद करने के लिए “दबाव” डाला, लेकिन ईरान के साथ युद्ध की स्थिति बनने के बाद अब वही अमेरिका देशों से रूसी तेल खरीदने की बात कर रहा है।
भारत का नाम भी लिया
ईरानी विदेश मंत्री ने अपने बयान में भारत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब भारत सहित कई देशों से रूसी कच्चा तेल खरीदने की बात कर रहा है, जबकि पहले इसी मुद्दे पर दबाव बनाया गया था।
उनके अनुसार यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बदलते हालात और ऊर्जा संकट को दर्शाता है।
यूरोप पर भी साधा निशाना
अराघची ने यूरोपीय देशों की भी आलोचना की। उनका कहना है कि यूरोप ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन किया और उम्मीद की कि बदले में अमेरिका रूस के खिलाफ उनका साथ देगा।
ईरान का दावा है कि यह पूरी स्थिति वैश्विक ऊर्जा राजनीति और युद्ध की वजह से तेजी से बदल रही है।
मिडिल ईस्ट संकट से बढ़ा तेल संकट
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध के कारण वैश्विक तेल बाजार भी प्रभावित हो रहा है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि इस संघर्ष से तेल आपूर्ति और कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
ऐसे में कई देशों को ऊर्जा सुरक्षा को लेकर नए फैसले लेने पड़ सकते हैं।
निष्कर्ष
ईरान के विदेश मंत्री का यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चल रहे ऊर्जा और कूटनीतिक संघर्ष को उजागर करता है। अमेरिका, रूस, ईरान और यूरोप के बीच बढ़ती तनातनी का असर वैश्विक तेल बाजार और कई देशों की ऊर्जा नीति पर पड़ सकता है।
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